पटकथा लेखन ब्लॉग
पर प्रविष्ट किया लेखक विक्टोरिया लूसिया

अपनी पटकथा में कहानी कहने की कला के विज्ञान का लाभ कैसे उठाएं

अपनी पटकथा में कहानी कहने की कला के विज्ञान का लाभ कैसे उठाएं

कहानी कहने की कला मनुष्य होने का एक आवश्यक और मूलभूत पहलू है। हमारा दिमाग बोरिंग कामों से लेकर दुनिया में अपनी जगह ढूंढने की कोशिश करने तक, हर चीज़ में संबंध और समझ की तलाश करते हुए रोज़मर्रा के जीवन में कहानियां ढूंढता है। हम अपनी पटकथाओं को सुधारने के लिए कहानी कहने की कला के विज्ञान और मनोवैज्ञानिक ज़रुरत को कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं? आज मैं आपको यही बताने वाली हूँ!

दिमाग और कहानी कहने की कला एक समान कैसे हैं

हमारे चारों तरफ अव्यवस्था फैली हुई है, और दिमाग हर चीज़ को व्यवस्थित करना चाहता है। ऐसा करने के लिए, दिमाग जानकारी को कहानियों में विभाजित करता है। कहानी कहने की कला के सिद्धांत में कोई संकट या समस्या होती है, इसके बाद उस समस्या से जुड़े संघर्ष होते हैं, और उसके बाद किसी तरह का समाधान मिलता है, और हमारा दिमाग भी इन गतिविधियों को इसी तरह से हमारे साथ होते हुए देखता है। हमारे दिमाग के अनुसार हम सब अपनी फ़िल्मों के हीरो/हीरोइन हैं। हमारी ख़ुद को कहानियां बताने की आंतरिक इच्छा का मतलब है कि हम जन्म से ही कहानीकार हैं। लेखक होने के नाते, अगर आपको कभी भी अपनी क्षमता पर संदेह होता है तो इस बारे में सोचिये कि कैसे आपका दिमाग स्वभाविक रूप से कहानियां बताना चाहता है और उससे अपनी चिंताओं को दूर करिये!

दिमाग के कारण ही कहानी में संघर्ष इतना मायने रखता है

हर कहानी को एक मूलभूत सिद्धांत में विभाजित किया जा सकता है, और वो है बदलाव। एक कहानी इसमें मौजूद किरदारों में होने वाले बदलावों की श्रृंखला होती है। आपने शायद यह सुना होगा कि किसी भी रोचक पटकथा के लिए संघर्ष का होना ज़रुरी है, लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा कि ऐसा क्यों है? इंसान का दिमाग पूरी तरह से बदलाव के बारे में होता है; हर दिन, हर मिनट, यह आपके परिवेश और अनुभवों में होने वाले बदलावों को संसाधित करने में व्यस्त रहता है। चूँकि, हमारा दिमाग बदलाव पता लगाने वाला पेशेवर डिटेक्टर है, इसलिए रोचक और अप्रत्याशित बदलाव लाने वाली कहानियां हमारी रूचि जगाती हैं। जब कहानियों में अप्रत्याशित बदलाव होते हैं तो यह हमारे दिमाग को किसी बदलाव के कारण आने वाली अनंत संभावनाओं से रूबरू कराता है।

कहानी में कौन से बदलाव दिमाग को सबसे रोचक लगते हैं?

जब आप पुराने ज़माने की कहानी कहने की कला के बारे में सोचते हैं तो आप किस चीज़ के बारे में सोचते हैं? हो सकता है आप चेतावनी देने वाली कहानियों या दृष्टांतों के बारे में सोचते होंगे, जो नैतिक और अनैतिक बताती हैं। उस समय की कहानियों को शिक्षण उपकरणों की तरह सोचा जा सकता है, जो लोगों को बताती हैं कि सुरक्षित कैसे रहा जाता है। खतरा हर जगह होता है, और मानव का दिमाग इससे बचने के लिए कहानियां देखना चाहता है। सभी बदलाव ख़राब नहीं होते, लेकिन नकारात्मक बदलाव ख़ास तौर पर दिमाग को आकर्षक लगते हैं, क्योंकि उनके बारे में सुनने से हमें यह समझने में मदद मिल सकती है कि हम इससे ख़ुद को कैसे बचा सकते हैं, या इससे कैसे निपट सकते हैं।

कहानी कहने की कला में सरलता ज़्यादा अच्छी होती है

चूँकि, कहानी कहने की कला कुछ ऐसी है जो स्वभाविक रूप से हमारे अंदर आती है, इसलिए सच्चाई और मितव्ययिता से लिखना महत्वपूर्ण होता है। सभी लेखकों के लिए शुरू से यह लाभ होता है कि दर्शक आपकी कहानी में दिलचस्पी लेना चाहते हैं; मानव का दिमाग पहले से इसके लिए तैयार होता है! अध्ययन बताते हैं कि कहानीकार और श्रोताओं के बीच दिमाग के संबंधित क्षेत्र सक्रिय होते हैं। हालाँकि, हम अक्सर अनूठी, अलग, व्यापक कहानियां बनाना चाहते हैं, लेकिन सबसे आसान तरीका वो कहानियां होती हैं, जिनमें दर्शकों को सबसे ज़्यादा रूचि आएगी। अपनी कहानी को सबसे आसान शब्दों में कहने पर दिमाग इससे ख़ुद को जोड़ पायेगा, इसे संसाधित कर पायेगा, और इसमें संलग्न हो पायेगा। आपको यकीन नहीं होता? तो ज़रा पिक्सर के लोगों से पूछिए।

हालाँकि, एक अच्छा कहानीकार होने के लिए आपको वैज्ञानिक या मनोवैज्ञानिक होने की ज़रुरत नहीं होती, लेकिन फिर भी यह जानने से मदद मिल सकती है कि हमारा दिमाग कहानी कहने की कला के साथ कैसे परस्पर क्रिया करता है। हम जो कुछ भी हैं उसके मूल में कहानी ही है। कहानियों के माध्यम से दिमाग की व्यवस्था लाने की आंतरिक इच्छा को समझने पर, अपने ख़ुद के लेखन पर काम करते समय मदद मिल सकती है। क्या आपको शुरुआत करने के लिए मदद की ज़रुरत है? तीन-अंक की पटकथा में आवश्यक तत्वों के लिए 18 चरण वाला यह सहायक मार्गदर्शक देखें।

और ज़्यादा सहायता के लिए, आप SoCreate का पटकथा लेखन सॉफ्टवेयर आजमाना चाहेंगे। इससे शानदार, दिमाग को प्रेरित करने वाली कहानियां लिखना बेहद आसान हो जायेगा! इस क्रांतिकारी सॉफ्टवेयर में अपने आख़िरी ड्राफ्ट पर काम करते हुए पटकथा लिखने का ज़्यादा आनंद लें। इस पेज से बाहर निकले बिना, SoCreate आजमाने वाले सबसे पहले लोगों में से एक बनने के लिए

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