पटकथा लेखन ब्लॉग
पर प्रविष्ट किया लेखक विक्टोरिया लूसिया

कहानी का मोड़! अपनी पटकथा में मोड़ कैसे लिखें

अपनी पटकथा में

कहानी का मोड़ लिखें

यह सब एक सपना था? वो असल में उसका बाप था? पूरे समय हम पृथ्वी ग्रह पर थे? फ़िल्मों में कहानी के मोड़ का एक लंबा-चौड़ा इतिहास रहा है, और इसका अच्छा कारण भी है। किसी फ़िल्म के मोड़ से पूरी तरह से हैरान होने से ज़्यादा मज़ेदार और क्या हो सकता है? कहानी का अच्छा मोड़ चाहे जितना भी मज़ेदार क्यों न हो, लेकिन हम सभी इसके विपरीत अनुभव के बारे में भी बहुत अच्छी तरह से जानते हैं, जहाँ हमें बहुत पहले ही कहानी में आने वाले मोड़ का पता चल जाता है। तो, आप अपना ख़ुद का असरदार मोड़ कैसे लिखते हैं? यहाँ आपके लिए कुछ उपाय दिए गए हैं जिनकी मदद से आप अपनी पटकथा में हैरान करने वाले और यादगार मोड़ लिख सकते हैं!

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कहानी का मोड़ लिखने के लिए उपाय 1: योजना बनाएं

मैं इस बात पर बहुत ज़्यादा ज़ोर देती हूँ कि लिखने से पहले की चीज़ों पर ध्यान देने और हर चीज़ की शुरुआत में ही योजना बना लेने से आम तौर पर आपको लिखने में कितनी मदद मिल सकती है, लेकिन जब आपके पास कोई जटिल मोड़ होता है तो इससे और भी ज़्यादा मदद मिलती है। किसी साधारण बीट शीट या लंबी रूपरेखा से कहानी की योजना बनाने से आपको यह सही-सही पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कहानी का मोड़ कहाँ आने वाला है, और इसके बाद आपको ज़्यादा अच्छे से समझ आएगा कि आपको इसे कैसे लिखना है। लिखना शुरू करने से पहले ही अगर आपको यह पता होता है और इस बात की समझ होती है कि क्या होने वाला है तो इससे आपको ज़्यादा कसी हुई, चुस्त पटकथा का मोड़ लिखने में मदद मिल सकती है। आप ऐसा कभी नहीं चाहेंगे कि दर्शक आपके मोड़ से इतना ज़्यादा हैरान हो जाएँ कि उन्हें इसपर भरोसा ही न हो, और योजना बनाने से इससे बचने में मदद मिलती है।

कहानी का मोड़ लिखने के लिए उपाय 2: अपेक्षा के बारे में जागरूक रहें

आजकल के दर्शक मोड़ों की उम्मीद करते हैं और फ़िल्म में उनके आने से पहले ही उनका अंदाज़ा लगाना शुरू कर देते हैं। तो, जब आपके दर्शक इतने बुद्धिमान होते हैं, लेकिन आप उन्हें हैरान करना चाहते हैं तो आप क्या करते हैं? फ़िल्मों के पुराने जाने-पहचाने मोड़ों पर नज़र डालें और सोचें कि वो कैसे लगते हैं, और वो क्यों काम करते हैं? शैली के अनुसार देखें, और पता लगाएं कि जिस शैली में आप काम कर रहे हैं उनमें किस तरह के मोड़ आते हैं। जब आप किसी शैली की सामान्य कार्यप्रणालियों से परिचित होते हैं, तब आप उनके बाहर काम कर सकते हैं और दर्शकों की उम्मीदों को पलटने का तरीका पता लगा सकते हैं। किसी तरह की फ़िल्म से किसी इंसान को जो उम्मीद है उससे अलग हटकर कुछ करने पर आपकी पटकथा में दिलचस्प और रोचक नयी चीज़ें और मोड़ आ सकते हैं!

कहानी का मोड़ लिखने के लिए उपाय 3: हर चीज़ की अपनी जगह होती है

जहाँ तक आपकी पटकथा की संरचना की बात आती है, आपको इस बारे में अच्छी तरह से विचार करने की ज़रूरत होती है कि आपके कथानक के मोड़ कहाँ पर आते हैं। कहानी का मोड़ शुरुआत में, आपके पहले अंक के आसपास आ सकता है। ऐसा संभव है कि यह बहुत बड़ा मोड़ न हो, लेकिन फिर भी एक ऐसा मोड़ हो सकता है जो आगे आने वाली चीज़ें सेट करता है।

ज़्यादातर, कहानी का मोड़ तीसरे अंक में आता है। आम तौर पर यहाँ पर मिलने वाला नतीजा और तनाव से मुक्ति बड़ी होती है, क्योंकि हम पूरी फ़िल्म में इसका अनुमान लगा चुके होते हैं, और इसके बाद हम किसी तरह का क्लाइमेक्स रख सकते हैं और गतिविधि बंद कर सकते हैं।

कहानी का मोड़ पटकथा के अंत में भी आ सकता है ताकि कहानी का दूसरा अध्याय सेटअप किया जा सके। "एवेंजर्स इन्फिनिटी वॉर" के अंत में आधे से ज़्यादा किरदार धूल में मिल जाते हैं, जो एक हैरान करने वाला मोड़ है जिसकी वजह से दर्शक यह जानने के लिए बेक़रार हैं कि अगली फ़िल्म में क्या होने वाला है।

यह सोचना बहुत ज़रूरी है कि मोड़ कहाँ रखना है क्योंकि यह मोड़ का आकार और इसके बाद होने वाली गतिविधि का रूप निर्धारित कर सकता है।

कहानी का मोड़ लिखने के लिए उपाय 4: इसे उल्टा करें

आगे स्पॉइलर है!

बहुत सारे कहानी के मोड़ चीज़ों को पलटने से आते हैं। जो उसका ठीक उल्टा होता है जिसे हम सच मानते हैं। इसमें पहचान को पलटना शामिल हो सकता है। "स्टार वॉर्स: द एम्पायर स्ट्राइक्स बैक" में, शुरुआत में हम डार्थ वेडर को केवल एक रहस्यमयी बुरे इंसान के रूप में जानते हैं, लेकिन बाद में हमें पता चलता है कि वो ल्यूक का पिता है। यह चरित्र की पहचान के संबंध में एक बड़ा मोड़ है जिसे हमने सोचा था कि हम जानते हैं।

हम जिस तरह से चीज़ों को देखते हैं उसे उल्टा किया जा सकता है, जैसे, "सिक्स्थ सेंस" में। हम यह सोचकर फ़िल्म देखने जाते हैं कि ब्रूस विल्स का किरदार एक चिकित्सक है जो उस छोटे बच्चे की मदद कर रहा है जिसे भूत दिखाई देते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि वो ख़ुद भूत है, और यह फ़िल्म के बारे में हमारी पूरी धारणा बदल देता है।

अपनी पटकथा में मोड़ का विकास करने के लिए किसी जानी-पहचानी चीज़ को उल्टा कर देना शुरुआत करने के लिए अच्छा तरीका हो सकता है।

कथानक के मोड़ मज़ेदार होते हैं, लेकिन उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए बहुत ज़्यादा योजना बनाने की ज़रूरत होती है। उम्मीद है, इन उपायों से आपको अपनी पटकथा में ऐसे मोड़ लाने में मदद मिल सकती है जो भरोसा करने लायक होने के साथ-साथ हैरानी भरे भी हों। लिखने के लिए शुभकामनाएं!

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