पटकथा लेखन ब्लॉग
पर प्रविष्ट किया लेखक विक्टोरिया लूसिया

अपनी फ़िल्म में टोन कैसे लिखें, फ़िल्म के उदाहरणों के साथ

कैसे लिखें अपनी फ़िल्म में टोन

With Movie Examples

पटकथा लेखन में लोग हमेशा टोन की बात करते हैं, लेकिन अक्सर इस बारे में कोई बात नहीं करता कि व्यावहारिक रूप से इसे कैसे बनाया जाता है। ड्रामेटिक टोन स्टोरीटेलिंग के सबसे मुश्किल तत्वों में से एक है। यह कुछ ऐसा नहीं है जिसे आप लिखते हैं, बल्कि यह किसी स्क्रिप्ट का एक ऐसा पहलू है जो दूसरे भागों के समावेश से अपने आप बाहर निकलता है। तो, आप पंक्तियों के बीच कैसे लिखते हैं? आगे पढ़िए! आज, मैं फ़िल्म के उदाहरणों के साथ आपको बताऊंगी कि अपनी फ़िल्म में सुसंगत टोन कैसे बनाया जाता है!

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कहानी में टोन क्या होता है?

टोन को उस मूड, रवैये, या परिवेश के रूप में बताया जा सकता है, जो आपकी पटकथा से निकलता है। इसे फ़िल्म का "एहसास" भी कहा जा सकता है। किसी फ़िल्म के टोन के बारे में बताने के लिए लगभग कोई भी विशेषण इस्तेमाल किया जा सकता है। क्रिस्टोफर नोलन, डेविड एस. गोयर और जोनाथन नोलन द्वारा लिखित "द डार्क नाइट" की टोन को डार्क कहा जा सकता है। जिम हेंसन द्वारा बनाई गई "द मपेट्स" को हल्के-फुल्के या हास्यपूर्ण टोन वाला कहा जा सकता है।

फ़िल्मों में ड्रामेटिक टोन के उदाहरण

किसी भी शैली की फ़िल्म टोन के आसानी से समझने योग्य उदाहरण प्रदान करती है, क्योंकि लेखक अपने दर्शकों को जिन मूल भावनाओं का एहसास करवाना चाहते हैं वो एक ही होते हैं। फ़िल्म नोयर मूवी मनोदशा, परछाई और धोखे का एहसास कराती है। हॉरर फीचर फ़िल्म में भय, उत्सुकता और कुछ गलत होने का केंद्रीय भाव होता है। कॉमेडी हल्की-फुल्की, जोशपूर्ण और प्यार भरी हो सकती है। ये सामान्यीकरण हैं, जो इन संबंधित शैलियों की हर फ़िल्म के लिए सही नहीं होंगे। शैली टोन को दर्शाने में मदद कर सकती है, लेकिन यह अपने से सबकुछ नहीं संभाल सकती। टोन बनाने के लिए स्क्रिप्ट के अन्य तत्वों पर काम करने की ज़रूरत होती है।

पटकथा में टोन कैसे डालें

पटकथा में टोन को मुख्य रूप से चरित्र, परिवेश और जिस तरह से चीज़ों को बताया जाता है उसके माध्यम से, कुछ अलग-अलग तरीकों से तैयार किया जाता है।

चरित्र

ख़ासकर परिवेश से तुलना करने पर, जिस तरह से आपका मुख्य चरित्र बोलता और व्यवहार करता है, उससे आपकी पटकथा का टोन प्रभावित हो सकता है। रॉबर्टो एगुइरे-सैकासा द्वारा निर्मित "रिवरडेल" में चेरिल ब्लॉसम के बारे में सोचें। चेरिल का रवैया और बात करने का तरीका बहुत ही "टीन पॉप कल्चर" वाला है, जो रिवरडेल के पुराने ज़माने जैसे दिखने वाले लोकेशन के लिए एक दिलचस्प कॉन्ट्रास्ट बनाता है। यह एक ऐसे शहर को दर्शाता है जो अतीत में फंसा हुआ है, जबकि चेरिल जैसे चरित्र, आधुनिक जीवन शैली पाने के लिए उत्सुक हैं। यह एक ऐसा उदाहरण है, जहाँ चरित्र और परिवेश टोन के माध्यम से एक विचार को सामने लाने के लिए परस्पर काम करते हैं।

परिवेश

टोन बाहर लाने के लिए आपको अपनी पटकथा में परिवेश, लाइटिंग, और कलर स्कीम को व्यापक तौर पर बताने की ज़रूरत नहीं होती है। आपके चरित्र जिस तरह से अपने परिवेश के साथ इंटरैक्ट करते हैं उसके माध्यम से आप दृश्य के विवरण में ज़्यादा सूक्ष्म तरीके से टोन ज़ाहिर कर सकते हैं। स्थान भावनाओं को दिखाते हैं। समुद्र का किनारा शांतिदायक लग सकता है, बेडरूम आरामदायक लग सकता है, और पुस्तकालय व्यवस्थित और अध्ययनशील लग सकता है। अपने चुने जाने वाले दृश्य के स्थानों पर ध्यान दें, या अपनी कुछ पसंदीदा फ़िल्मों में इन संकेतों को देखें। किसी गलत जगह पर किरदारों से अप्रत्याशित बातचीत करवाकर उम्मीदों के विरुद्ध जाकर या किसी अपेक्षित जगह पर अपेक्षित बातचीत के साथ किसी दृश्य के टोन के साथ प्रयोग किया जा सकता है।

चीज़ों का वर्णन कैसे करें

आप जिस तरह से दृश्यों को लिखते हैं, उसके माध्यम से आप टोन को प्रभावित कर सकते हैं। क्या आपकी स्क्रिप्ट किशोर कामचोरों के समूह के बारे में है? ऐसी भाषा और वाक्यों का प्रयोग करके इसे दिखाएं, जो अटपटी और पॉप कल्चर जैसी लगती है। अपने चुने गए शब्दों के माध्यम से आप अपनी पटकथा को रंग और एहसास दे सकते हैं।

जैसा कि आप देख सकते हैं, पटकथा लेखन में टोन आवश्यक है, लेकिन किसी पटकथा के सिर्फ एक तत्व को महत्व देना असंभव है। टोन तब बनता है जब लेखन के विभिन्न चरित्र, परिवेश, और वाक्यांश सभी एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं। भावना को और ज़्यादा प्रभावित करने के लिए ये तत्व फ़िल्म की शैली के साथ भी काम करते हैं।

टोन कोई ऐसी चीज़ नहीं है, जिसमें आप अपने पहले ही ड्राफ्ट में महारत हासिल कर लेंगे। अपनी पटकथा में टोन को समझने के लिए कई लेखक तब तक इंतज़ार करते हैं जब तक कि उनके एक-दो ड्राफ्ट पूरे नहीं हो जाते। अपनी पटकथा में टोन की जांच करते समय, इस बात पर विचार करें कि विभिन्न बिंदुओं पर आप दर्शकों को क्या महसूस करवाना चाहते हैं। याद रखें, टोन कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे आप साफ़-साफ़ बता देंगे; यह जो आप दिखाते हैं और जिस तरह से दिखाते हैं उससे सामने उभरकर आता है। लिखने के लिए शुभकामनाएं!

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