पटकथा लेखन ब्लॉग
पर प्रविष्ट किया लेखक कर्टनी मेजरनिच

एनीमेशन के लिए कैसे लिखें

लिखें एनीमेशन के लिए

अगर आपको ऐसा लगता है कि लाइव-एक्शन पटकथा लेखन में बहुत ज़्यादा दृश्य इस्तेमाल होते हैं तो ज़रा रुक जाइये क्योंकि आपने अभी तक एनीमेशन के लिए लिखी गयी पटकथा नहीं देखी है! हालाँकि, कुछ लोग एनीमेशन को शैली कहना पसंद करते हैं, लेकिन मैं इसे कहानी कहने की कला का बिल्कुल अलग माध्यम मानती हूँ। आज हम जानने वाले हैं कि एनीमेशन के लिए कैसे लिखा जाता है, चाहे वो कोई एनिमेटेड टेलीविज़न शो हो या फिर फ़िल्म, और यह प्रक्रिया पारंपरिक पटकथा लेखन से अलग होती है।

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शुरुआत करने के लिए, हमने पूर्व डिज्नी एनीमेशन टेलीविज़न के लेखक रिकी रॉक्सबर्ग का इंटरव्यू लिया (अब वो ड्रीमवर्क्स में स्टोरी एडिटर का काम करते हैं)। स्टाफ राइटर होने के नाते, उन्होंने आपके बच्चों के कुछ सबसे पसंदीदा एनिमेटेड टेलीविज़न शो के एपिसोड लिखे हैं, जिनमें "रॅपन्ज़ेल्स टैंगल्ड एडवेंचर," "द वंडरफुल वर्ल्ड ऑफ़ मिकी माउस," और "बिग हीरो 6: द सीरीज़" शामिल हैं।

एनीमेशन के लिए लिखी गयी पटकथा और लाइव एक्शन के लिए लिखी गयी पटकथा में काफी समानताएं देखने को मिलती हैं, लेकिन उन्हें बनाने की प्रक्रिया काफी अलग होती है। अगर पटकथा किसी फ़िल्म के लिए कल्पना के आधार पर लिखी गयी होती है या मौजूदा शो के लिए स्टाफ लेखकों ने इसे लिखा होता है तो यह फिर से अलग हो जाती है।

रॉक्सबर्ग कहते हैं, "पटकथा का स्क्रीन तक आने का रास्ता अलग होता है। अगर आप फ़िल्म में काम कर रहे हैं, तो दृश्यों को अक्सर स्टोरी आर्टिस्ट्स के साथ बार-बार फिर से लिखा जाता है। अगर आप टीवी में हैं, तो आप एक रूपरेखा लिखते हैं, जैसा कि मैं "मिकी शॉर्ट्स" में करता हूँ।"

एनिमेटेड पटकथाओं और लाइव एक्शन पटकथाओं के बीच अंतर

एनीमेशन पटकथा लेखक, और "हाउ टू राइट फॉर एनीमेशन" के लेखक जेफरी स्कॉट के अनुसार, एनिमेटेड पटकथा और लाइव-एक्शन पटकथा के बीच ये महत्वपूर्ण अंतर होते हैं:

ज़्यादा विस्तृत विवरण

एनिमेटेड पटकथा लिखते समय किसी पटकथा लेखक के पास लगभग इसे "निर्देशित" करने का मौका होता है, क्योंकि लेखक को दर्शक को हर उस चीज़ के बारे में बहुत विस्तार से बताना होता है जिसे वो देखेगा (और जिसे एनिमेटर बनाएगा)। यह लाइव एक्शन से अलग है, जहाँ पटकथा लेखक को दृश्यात्मक रूप से लिखना चाहिए और कुछ चीज़ें निर्देशक के समझने के लिए छोड़ देनी चाहिए। लाइव एक्शन में, निर्देशक के लिए कैमरा का निर्देशन लिखना आम तौर पर सही नहीं होता।

पेज टाइमिंग अलग होती है

विवरण की मात्रा के कारण, एनिमेटेड पटकथा में एक पेज लगभग 40 सेकंड के स्क्रीन टाइम के बराबर होता है। इसके विपरीत, लाइव-एक्शन पटकथा में एक पेज लगभग एक मिनट के स्क्रीन टाइम से संबंधित होता है।

और ज़्यादा सहयोगी प्रक्रिया

जब तक आप किसी एनिमेटेड फीचर के लिए स्पेक स्क्रिप्ट लिखकर बाद में किसी को इसे बनाने के लिए मनाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, तब तक इसकी संभावना होती है कि आप एक ऐसे स्टाफ लेखक होंगे, जिसे कोई स्टूडियो किसी फ़िल्म या टेलीविज़न शो को लिखने के लिए काम पर रखता है। इस प्रक्रिया में आप कई लोगों के साथ काम करेंगे, जो अन्य लेखकों और कहानी कलाकारों तक सीमित नहीं हैं। आपकी पटकथा कई बार बदलेगी, इसलिए, जब तक आपकी टीम अपने अंतिम उत्पाद तक नहीं पहुंच जाती, तब तक आपको आकार देने और कहानी को ढालने की प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए तैयार रहना होगा। इसमें "ड्राइंग बोर्ड पर वापस जाने" को एक बिल्कुल नया अर्थ मिलता है।

आम तौर पर पारिवारिक कहानियां होती हैं

हालाँकि, कुछ अपवाद हो सकते हैं, लेकिन एनिमेटेड फ़िल्में और टेलीविज़न आम तौर पर फैंटसी, साइंस फिक्शन, नैतिक विषयों और कुछ मानवरूपी पात्रों पर आधारित पारिवारिक कहानियों पर केंद्रित होते हैं। ये कहानियां एनिमेटेड होती हैं क्योंकि उन्हें एनिमेटेड होना पड़ता है (जब तक कि आपके पास कैंडलस्टिक को गाना गाते हुए दिखाने के लिए स्पेशल इफेक्ट्स के लिए बहुत बड़ा बजट नहीं होता है!)। ये कहानियां लाइव-एक्शन प्रोडक्शन की तुलना में एक एनिमेटेड कहानी के रूप में ज़्यादा अच्छे से समझ में आती हैं। एनिमेटेड कहानियों में अक्सर संगीत और गाने भी होते हैं, जो बच्चे का ध्यान आकर्षित करते हैं।

शुरुआती दिनों में, एनीमेशन के लिए कुछ भी लिखने की ज़रुरत नहीं होती थी, बल्कि स्टोरी आर्टिस्ट्स किसी ऐसी कहानी पर काम करने के लिए एक साथ आते थे जिसपर वो पहले से चर्चा कर लेते थे, उसके बाद वो अपने निर्धारित घटनाक्रमों को एनिमेट करने के लिए उनपर काम करते थे। यही कारण है कि शुरुआती एनिमेटेड डिज्नी फ़िल्मों के लेखन क्रेडिट में आपको कई स्टोरी आर्टिस्ट्स के नाम देखने को मिलते हैं। बाद में, स्टोरी आर्टिस्ट्स पहले से स्टोरीबोर्ड तैयार कर लेते थे, जिसमें कागज़ के बायीं तरफ स्टोरी बीट्स होते थे और दायीं तरफ उनसे मैच करते हुए तेज़ी से बनाये गए स्केच होते थे। जब स्टूडियो ने एनीमेशन आउटसोर्स करना शुरू किया, तो जिन लेखकों ने एनिमेट नहीं किया था, उन्हें ड्राइंग में जो कुछ अपेक्षित है उसके बारे में बताने के लिए आना पड़ा, जिससे एनीमेशन की पटकथा एक ज़रुरत बन गई। आज, एनीमेशन लेखकों को स्क्रीन पर क्या दिखाया जाना है, उसके बारे में बिल्कुल सही निर्देश देने के लिए बहुत ज़्यादा विस्तृत तरीके से पटकथा लिखनी पड़ती है।

एनीमेशन लेखक भी अपनी परियोजनाओं में बहुत सहयोग करते हैं, और जब तक एनीमेशन पूरा नहीं हो जाता तब तक पटकथा भी पूरी नहीं होती। ज़ाहिर तौर पर, यह हर एक टेलीविज़न शो के लिए अलग-अलग होता है, जैसा कि रॉक्सबर्ग ने हमें बताया था। कभी-कभी, आप एनीमेशन के लिए कोई पटकथा देंगे, और वो अपनी आवश्यकतानुसार कोई भी बदलाव करेंगे। लेकिन कभी-कभी, पटकथा आपके पास वापस आ जाती है।

"टीवी के लिए काम करने पर, आप रुपरेखा लिख सकते हैं, जैसा कि मैं "मिकी शॉर्ट्स" के लिए करता था। मैं एक रुपरेखा लिखता था, और वो स्टोरी आर्टिस्ट्स के पास जाता था, और स्टोरी आर्टिस्ट उन दृश्यों को बाहर निकालता था," उन्होंने कहा।

"रॅपन्ज़ेल्स टैंगल्ड एडवेंचर" पर ज़्यादा सहयोग की ज़रुरत पड़ती है।

"अगर मैं "टैंगल्ड" लिख रहा हूँ तो वो दृश्य लिखे जाने के बाद स्टोरी आर्टिस्ट कुछ चीज़ों को ज़्यादा आकर्षक बना सकता है, और फिर मुझे वापस आना पड़ सकता है, और इसलिए यह थोड़ी धीमी प्रक्रिया है, और यह एक तरीके से कलाकारों, या प्रदर्शन के लगभग हर एक हिस्से को प्रबंधित करने जैसा है, क्योंकि आप जानते हैं कि एनिमेटर और स्टोरी आर्टिस्ट्स वैसा कर रहे हैं। इसलिए वो प्रक्रिया थोड़ी अलग है।"

एनिमेटेड फीचर या टेलीविज़न शो की पटकथा देखने पर आप आम तौर पर दो अलग-अलग प्रकार की पटकथाएं देखेंगे। एक पढ़ने में बिल्कुल पारंपरिक पटकथा की तरह लगती है, और आप इसे 3D फ़िल्म पर इस्तेमाल करते हुए देख सकते हैं। दूसरी, 2D फ़िल्मों और टीवी शो में ज़्यादा प्रयोग की जाती है, इसमें कैमरा मूवमेंट और निर्देशों जैसे ज़्यादा विवरण शामिल होंगे।

एनिमेटेड टेलीविज़न सीरीज़ "द फेयरली ऑड पेरेंट्स" का उदाहरण देखें। इस एपिसोड को स्टीव मार्मेल और माइक बेल ने लिखा था। लेखक उन सभी चीज़ों के बारे में विशेष विवरण देता है, जिन्हें चित्रित करने की आवश्यकता है, लेकिन हम विशिष्ट कैमरा शॉट के विवरण नहीं देखते हैं।

"द फेयरली ऑड पेरेंट्स" की पटकथा का भाग

विकी के पेट के अंदर – समकालीन

पाइरेट्स ऑफ़ द कैरेबियन जैसी एक टूर बोट पेट के एसिड पर तैरती है। उसके यात्रियों में पेट के फ्लू कपल और सफ़ेद सूट में एक परजीवी शामिल हैं। टूर गाइड - एक 16 साल का मानव बच्चा है - जो सफारी सूट में सबसे आगे बैठा है।

टूर गाइड

एक दुष्ट लड़की के अंदर सफर करने के लिए हमारे पास अभी भी कीटाणुओं की एक जोड़ी के लिए जगह बची हुई है! कोई है? एक बार जा रहे हैं ... दो बार जा रहे हैं ...

आप कार्यकारी निर्माता फ्रेड सीबर्ट की स्क्रिब्ड प्रोफाइल पर जाकर इस लोकप्रिय एनिमेटेड शो की पूरी पटकथा और कई अन्य एपिसोड पढ़ सकते हैं। वह आपके के लिए स्टोरीबोर्ड, पिच डेक और बाइबिल भी उपलब्ध कराते हैं! वहां बहुत सारी अच्छी चीजें हैं।

यहाँ ट्रे पार्कर, मैट स्टोन और पाम ब्रैडी द्वारा लिखित "साउथ पार्क" फ़िल्म के बाद के ड्राफ्ट का एक और उदाहरण दिया गया है। इसमें आपको निर्देशक जैसे संकेत और सही एंगल देखने को मिलेंगे।

"साउथ पार्क" फ़िल्म की पटकथा का भाग

रेडियो अनाउंसर

गुड मॉर्निंग साउथ पार्क! आज रविवार के साढ़े पाँच बजे हैं!! घोड़ों को खिलाने और गायों को पानी पिलाने का समय आ गया है!!

पीछे से, हमें सुनहरे बालों वाला एक बच्चा अपने बिस्तर से उठता हुआ दिखाई देता है। वह अंगड़ाई लेता है, और उसके बाद अपनी अलमारी के पास जाता है।

जब वो अपनी अलमारी में हाथ डालकर एक नारंगी रंग का कोट निकालता है तो भी हमें बस लड़के की पीठ दिखाई देती है।

बच्चा अपना कोट पहनता है, फिर कैमरे की ओर मुड़ता है और हुड बंद कर देता है, इसलिए हमें उसका चेहरा कभी ठीक से देखने के लिए नहीं मिलता है।

और बाद में उसी पटकथा में...

"साउथ पार्क" फ़िल्म की पटकथा का भाग

उसी घर के अंदर

एक बैग पर क्लोज़ अप होता है जिसपर 'चीज़ी पफ़्स' लिखा है। एक हाथ बैग में जाता है, मुट्ठी भर नारंगी कुरकुरे निकालता है और उन्हें उठाता है --

चिप्स चबाते हुए आठ साल के एरिक कार्टमैन का मोटा चेहरा दिखाने के लिए कैमरा ऊपर जाता है।

अब हम देखते हैं कि मोटा छोटा एरिक अपने सोफे पर बैठा है, चीज़ी पफ़्स खा रहा है और टीवी देख रहा है।

घंटी बजती है। कार्टमैन हिलता भी नहीं है।

कार्टमैन

माँ! दरवाज़े पर कोई है!

क्या आपका कोई पसंदीदा एनिमेटेड टेलीविज़न शो या फ़िल्म है? यहाँ एक अभ्यास दिया गया है: ऊपर एनिमेटेड पटकथा लिखने के तरीके के बारे में आपने जो भी सीखा, उसे ध्यान में रखते हुए इसे दोबारा देखें, उसके बाद, इसे लिखकर उतारने की कोशिश करें। इससे आप जानेंगे कि आपको अपने दृश्य और चरित्र विवरण को कितने विस्तार से बताना पड़ता है।

संक्षेप में, जी हाँ - एनीमेशन के लिए लिखना लाइव-एक्शन के लिए लिखने से अलग है, लेकिन माध्यम चाहे जो भी हो, एक अच्छी कहानी की ज़रुरत हमेशा होती है। आकर्षक एनिमेशन, मज़ेदार चरित्र और संवाद कभी भी बिना किसी थीम या सीख वाली बोरिंग कहानी की भरपाई नहीं कर सकते हैं।

लेकिन, एनीमेशन के लिए लिखना बहुत मज़ेदार हो सकता है, क्योंकि आपके चरित्र जो चाहे वो कर सकते हैं और कहानियां कहीं भी स्थित हो सकती हैं।

अपनी कल्पना के घोड़े दौड़ाएं!

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