पटकथा लेखन ब्लॉग
पर प्रविष्ट किया लेखक विक्टोरिया लूसिया

पारंपरिक पटकथा लेखन फॉन्ट के लिए कूरियर का इस्तेमाल क्यों किया जाता है

पारंपरिक पटकथा लेखन फॉन्ट के लिए कूरियर का इस्तेमाल क्यों किया जाता है

लेखकों को पटकथा लेखन उद्योग के कई मानकों का पालन करने की ज़रुरत पड़ती है। क्या आपने कभी इस बारे में सोचा है कि ऐसा "क्यों" है? हाल ही में, मैंने पारंपरिक पटकथाओं में कूरियर के इस्तेमाल पर विचार किया और यह पता लगाने की कोशिश की कि इसे क्यों प्रयोग किया जाता है। कूरियर के उद्योग का मुख्य पटकथा लेखन फॉन्ट बनने का एक छोटा सा इतिहास है! यह इस बात का भी संकेत है कि पटकथा लेखन में…

टाइपराइटर

के युग के बाद से बहुत ज़्यादा बदलाव नहीं हुआ है।

आपने शायद ध्यान दिया होगा कि कूरियर टाइपराइटर से मिलता-जुलता फॉन्ट है, और वास्तव में ऐसे ही इसकी शुरुआत हुई थी। 1955 में IBM के टाइपराइटरों की एक श्रृंखला के लिए कूरियर फॉन्ट बनाया गया था, और जल्द ही यह स्टैंडर्ड टाइपराइटर फॉन्ट बन गया। इस फॉन्ट को कभी कॉपीराइट नहीं किया गया, जिससे यह किसी भी माध्यम में इस्तेमाल करने के लिए मुफ़्त फॉन्ट बन गया।

लेखक आज भी पारंपरिक पटकथाओं में कूरियर का इस्तेमाल क्यों करते हैं

कूरियर को मोनोस्पेस्ड फॉन्ट के रूप में जाना जाता है, यानी हर अक्षर को बराबर मात्रा में क्षैतिज स्पेसिंग दी जाती है। ज़्यादातर फॉन्ट जो आपको दिखाई देते हैं उन्हें आनुपातिक फॉन्ट कहा जाता है, जहाँ अक्षर केवल उतनी ही जगह लेते हैं जितनी जगह की उन्हें ज़रुरत होती है; इसे अक्सर दिखने में ज़्यादा सुंदर और पढ़ने में ज़्यादा आसान माना जाता है।

हालाँकि, कूरियर सबसे सुंदर फॉन्ट नहीं है, लेकिन इससे पढ़ने में लगने वाले समय का आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है। कूरियर की मोनोस्पेसिंग, इसे समय के संबंध में ज़्यादा सटीक तरीके से पढ़ने योग्य बनाती है, जो पटकथा लेखन में सबसे ज़रुरी है। एक पेज में लगभग 55 पंक्तियां होती हैं, जो लगभग एक मिनट के स्क्रीन टाइम के बराबर होता है। मोनोस्पेसिंग कूरियर को "एक पेज बराबर एक मिनट" के नियम के लिए सुसंगत बनाती है। अगर हम आनुपातिक फ़ॉन्ट का उपयोग करते हैं तो स्पेसिंग के मिश्रण की वजह से यह नियम ज़्यादा सटीक नहीं होगा।

जब तक कोई नया पटकथा फॉर्मेट नहीं आता, हम शायद कूरियर का ही इस्तेमाल करेंगे

एक पटकथा अपने संपूर्ण जीवनकाल के दौरान, कई लेखकों के हाथों में जाती है और इसे कई बार दोबारा लिखा जाता है। इसका मतलब है कि कई सारे लोग अलग-अलग पटकथा लेखन प्रोग्रामों में उस पटकथा को खोलेंगे और इसपर काम करेंगे। वो प्रोग्राम अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन चूँकि उद्योग का एक मानक तय है, इसलिए हम 12 पॉइंट कूरियर फॉन्ट में ही टाइप करते हैं।

तो, अब आपको कूरियर के इस्तेमाल के बारे में पता चल गया! कूरियर के उद्योग का मानक फॉन्ट बनने के बारे में यह एक छोटा सा मज़ेदार इतिहास है। अब हम जानते हैं कि कूरियर सुसंगति का उद्देश्य पूरा करता है, और हम इसे केवल इसके टाइपराइटर वाले लुक के लिए इस्तेमाल नहीं करते।

SoCreate द्वारा अपना क्रांतिकारी पटकथा लेखन प्लेटफॉर्म शुरू करने के बाद, कूरियर के अनिवार्य और आवश्यक इस्तेमाल सहित, पारंपरिक पटकथा के ज़्यादातर मानकों में बहुत बड़ा बदलाव आएगा। इसलिए,

तब तक के लिए, कूरियर इस्तेमाल करें। लिखने के लिए शुभकामनाएं!

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