पटकथा लेखन ब्लॉग
पर प्रविष्ट किया लेखक विक्टोरिया लूसिया

अपनी पटकथा के लिए किरदार का नाम कैसे चुनें

चुनें अपनी पटकथा के लिए किरदार का नाम

क्या किसी और के पास भी उनके नोट्स ऐप में उन नामों की लंबी फेहरिस्त मौजूद है, जिनसे आपको कुछ अलग एहसास होता है, या वो सुनने में अच्छे लगते हैं? नहीं, बस मैं ही ऐसी हूँ? मैं अपने कई किरदारों के लिए इस सूची को देखती हूँ, जिसमें मैं अपनी पसंद के नाम नियमित रूप से जोड़ती रहती हूँ। कभी-कभी, ख़ासकर मुख्य किरदार के लिए, मैं कोई ऐसा नाम चाहती हूँ जिसमें कुछ गहराई हो, और नाम चुनते समय मुझे थोड़ा ज़्यादा सोच-विचार करने की ज़रुरत पड़ती है। आज मैं आपको बताने वाली हूँ कि किसी किरदार का नाम कैसे चुना जाता है। वैसे नाम में क्या रखा है?

लाइन में अपनी जगह पकड़ो, पटकथा लेखक! हम SoCreate स्क्रीन राइटिंग सॉफ़्टवेयर को लॉन्च करने के करीब पहुंच रहे हैं, सीमित संख्या में बीटा परीक्षक।

वो कौन हैं?

अपने किरदार को उनके नाम बताने दें। क्या आपका किरदार किसी विशेष संस्कृति से आता है जिसके नाम का पता लगाने के लिए शोध किया जा सकता है? क्या आपका किरदार कोई ऐसा काम करता है जिससे उसका नाम प्रेरित हो सकता है? क्या आपके किरदार का कोई विशेष स्वभाव है, जिसे आप उनके नाम से दर्शा सकते हैं? या शायद आप बिल्कुल अलग रास्ते पर जाना चाह सकते हैं और अपने किरदार का नाम उससे बिल्कुल विपरीत रख सकते हैं जिस तरह का वो इंसान हैं, जैसे, मान लीजिये कोई किरदार बहुत हट्टा-कट्टा गुंडा है लेकिन सब उसे "टाइनी" बुलाते हैं।

अक्सर नाम वो पहला तरीका होता है जो दर्शकों को इस बारे में संकेत देता है कि यह इंसान कौन है, और इसका प्रयोग करके आप उन्हें ऊपरी रूप से किरदार के बारे में बता सकते हैं जो बाद में प्रासंगिक होगा या इसे उनकी उम्मीदों को पलटने के लिए प्रयोग करें।

पहला अक्षर बदलें

आपके मुख्य किरदार का नाम अन्य किरदारों के नामों से अलग अक्षर से शुरू होने का फ़ायदा मिल सकता है। आप एक ही अक्षर से शुरू होने वाले किरदारों के नाम नहीं चाहेंगे, क्योंकि इससे दर्शक भ्रमित हो जाते हैं। इसी तरह, अगर आपके मुख्य किरदार का नाम पूरी तरह से अलग अक्षर से शुरू होता है (या Q, U, V, X, Z जैसे विशेष पहले अक्षर से) तो पन्ने पर यह और ज़्यादा अलग से उभरकर सामने आता है।

बहुत सादा नहीं, बहुत अनूठा नहीं

आप अपने मुख्य किरदारों का नाम ऐसा नहीं रखना चाहेंगे जो इतना साधारण हो कि लोग इसे भूल जाएँ। वहीं दूसरी तरफ़, आप ऐसा नाम भी नहीं चाहते जो इतना मुश्किल हो कि इसे बोलना या लिखना मुश्किल हो। यह कहानी में रुकावट बनता है।

अनुप्रास आपका साथी है

आप अनुप्रास अलंकार जैसी डिवाइस का इस्तेमाल करके वंडर वुमन या बग्स बन्नी जैसे यादगार नाम बना सकते हैं। अनुप्रास लोगों के दिमाग में कोई नाम डालने का जांचा-परखा गया तरीका है!

सारे किरदारों को नाम की ज़रुरत नहीं होती

जब आप किसी का नाम रखते हैं तो आप पाठक को यह संकेत देते हैं कि यह किरदार महत्वपूर्ण है। अगर आपके किरदार को केवल दो संवाद बोलने हैं या वो आपकी पटकथा में बहुत कम समय के लिए है तो उनका नाम रखने की कोई ज़रुरत नहीं होगी। और आप उन्हें उनके काम के अनुसार बुला सकते हैं, जैसे "सड़क वाला आदमी" या "बरिस्ता।"

बच्चों के नाम

अगर आप अटक गए हैं तो बच्चों के नाम वाली वेबसाइट पर जाएँ और ब्राउज़ करना शुरू करें! किरदार का नाम रखने के लिए बच्चों के नाम वाली वेबसाइटें भरोसेमंद साधन हैं। अगर आप ज़्यादा विशेष नामों या किसी विशेष समय से संबंधित नामों की तलाश में हैं तो प्रेरणा पाने के लिए मैं आपको पुराने ईयरबुक, फोनबुक, या यहाँ तक कि अपनी फैमिली ट्री इस्तेमाल करने की भी सलाह दूंगी।

SoCreate का पटकथा लेखन सॉफ्टवेयर आपकी कहानी के किरदारों के साइज़ के हिसाब से अलग-अलग नामों को आजमाना बिल्कुल आसान बना देगा।

असली ज़िन्दगी में बच्चों या जानवरों के नामों की तरह ही, अपने किरदारों के नाम रखते समय भी आपको बहुत सारी चीज़ों पर विचार करना पड़ता है! अगली बार अगर आपको कोई नाम पसंद आता है तो इसे लिखकर रखना न भूलें, बाद में इसके लिए आप ख़ुद को धन्यवाद करेंगे। लिखने के लिए शुभकामनाएं!

आपको इसमें भी दिलचस्पी हो सकती है...

पारंपरिक पटकथा में फ्लैशबैक कैसे लिखें

समय में पीछे जाना: पारंपरिक पटकथा में फ्लैशबैक कैसे लिखें

“फ्लैशबैक” शब्द सुनते ही मेरा दिमाग "वेन्स वर्ल्ड" पर चला जाता है, जहाँ वेन और गार्थ अपनी उंगलियां हिलाते हुए कहते हैं, "डिडले-इडले-उम, डिडले-इडली-उम" और हम अतीत में मिल जाते हैं। काश, सभी फ्लैशबैक इतने ही आसान और मज़ेदार होते! अगर आप यह सोच रहे हैं कि फॉर्मेट, और उन्हें पेश करने दोनों के संबंध में पारंपरिक पटकथा में फ्लैशबैक कैसे लिखा जाता है, तो यहाँ आपके लिए कुछ उपाय दिए गए हैं जिनसे आपको मदद मिल सकती है! इस बात का ध्यान रखें कि आपके फ्लैशबैक का कोई उद्देश्य हो । फ्लैशबैक केवल तभी शामिल किया जाना चाहिए जब चरित्र के बारे में कोई महत्वपूर्ण चीज उजागर किये बिना या बताये बिना पटकथा में आगे बढ़ने का कोई रास्ता न दिखाई दे। इसे चरित्र की गतिविधियों और चुनावों के पीछे के इरादों ...

पारंपरिक पटकथा में मोंटाज़ लिखने के 2 तरीके

पारंपरिक पटकथा में मोंटाज़ लिखने के 2 तरीके

मोंटाज़। हम सभी देखने पर इसे जान जाते हैं, लेकिन असल में वहां क्या हो रहा होता है? मैं अपनी पटकथा में मोंटाज़ कैसे फॉर्मेट करूँ? अगर मेरा मोंटाज़ एक से ज्यादा स्थानों में हो रहा है तो क्या होगा? यहाँ मोंटाज़ लिखने के बारे में कुछ उपाय और सुझाव दिए गए हैं जिनसे मुझे अपने लेखन में मदद मिली है। वास्तव में मोंटाज़ क्या होता है? मोंटाज़ छोटे दृश्यों या पलों का संग्रह होता है जिसे तेजी से समय का बीतना दिखाने के लिए एक साथ जोड़ा जाता है। आमतौर पर, मोंटाज़ में बहुत कम, या बिल्कुल संवाद नहीं होते हैं। मोंटाज़ का इस्तेमाल समय को संक्षिप्त करने के लिए किया जा सकता है और छोटी अवधि में हमें कहानी का बड़ा हिस्सा बताया जा सकता है। मोंटाज़ का प्रयोग कई स्थानों पर मौजूद चरित्रों को ऐसी चीजें करते हुए दिखाने के लिए किया जा ...

टॉप 5 उपाय पटकथा में असरदार संवाद लिखने के

पटकथा में असरदार संवाद लिखने के टॉप 5 उपाय

इंसान अजीब तरीके से बातचीत करते हैं — हम बात करते समय "हम्म," "उम्म," और "जैसे" शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। हम रुकते हैं, दूसरी तरफ देखते हैं, और थोड़ी बेसिर-पैर की बातें करते हैं। ज़्यादातर हम एक-दूसरे से आमने-सामने बात नहीं करते। हम टेक्स्ट भेजते हैं, मैसेज करते हैं, सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं, और हम फोन पर बाते करते हैं जो अब काफी कम हो रहा है। पटकथा लेखक होने के नाते, हमें इंसानों के बीच होने वाली बातचीत को ज़्यादा से ज़्यादा सच्चे, अच्छे और प्रेरणादायक तरीके से पेश करने में समर्थ होना चाहिए। और यह आसान नहीं है और काफ़ी मुश्किल काम हो सकता है, तो यहाँ कुछ...