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पर प्रविष्ट किया लेखक जस्टिन काउटो

भाग 5: सबसे अच्छी मूवी वॉच लिस्ट, 2017 का फ़्लैशबैक

साल 2017 की फ़िल्में देखते हुए SoCreate के सीईओ जस्टिन काउटो और SoCreate की सीएफओ रोज़ा काउटो का डूडल।

2017 में, मैं और मेरी पत्नी रोज़ा, जो SoCreate की सीएफओ भी हैं, 2016 की तुलना में थोड़ी ज़्यादा फ़िल्में देख पाए थे। यही वो साल था जबसे हमने अपने तीन बच्चों के साथ एक परिवार के रूप में फ़िल्में देखना शुरू किया था, इसीलिए, हम जिस तरह की फ़िल्में देखते थे उसमें थोड़ा बदलाव होना शुरू हुआ था। इसकी वजह से, हमें "सिंग" फ़िल्म को बीच में ही छोड़ना पड़ा था, क्योंकि हमारे जुड़वां बच्चे रोने लगे थे। उन्हें इसमें मज़ा नहीं आ रहा था, और इसी वजह से, इस फ़िल्म के लिए मेरी और रोज़ा की रेटिंग उपलब्ध नहीं है। वैसे चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि हमने कई फ़िल्में पूरी देखी थीं, और उस साल कुछ अच्छी फ़िल्में आयी थीं। इस पोस्ट के अंत में मेरी राय और मेरी पसंदीदा फ़िल्में देखना न भूलें।

अब चलिए देखते हैं कि 2017 में हमने क्या देखा।

सूची पर जाने से पहले, कृपया निम्नलिखित पर ध्यान दें:

  • हमने ये फ़िल्में 2017 में देखी थीं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि ये 2017 में रिलीज़ हुई थीं।

  • इस सूची के अंत में, मैं आपको अपनी राय और अपनी पसंदीदा फ़िल्मों के बारे में बताऊंगा।

  • यहाँ पर फ़िल्मों को सबसे ज़्यादा संयुक्त रेटिंग से सबसे कम रेटिंग के क्रम में रखा गया है, और देखने या रिलीज़ के दिन से क्रमबद्ध नहीं किया गया है।

मेरी राय

"स्नोबॉल एक्सप्रेस" बचपन से मेरी मनपसंद फ़िल्म थी, जिसे मैंने अपने बच्चों के साथ दोबारा देखा था। यह एक ऐसे आदमी पर केंद्रित पारिवारिक कॉमेडी फ़िल्म है, जो कोलोराडो में एक अनदेखे होटल रिसॉर्ट का मालिक बनने के बाद अपनी बड़े शहर की नौकरी छोड़ देता है। अगर आपने इसे नहीं देखा तो हंसी-मज़ाक से भरपूर यह जी-रेटेड पारिवारिक फ़िल्म देखने लायक है। उस साल की "लॉयन" भी मेरी पसंदीदा है। जिसकी कहानी एक ऐसे आदमी पर केंद्रित है, जो बचपन में भारत के एक ट्रेन स्टेशन पर खो जाता है, और बाद में अपने परिवार को दोबारा खोजने निकल पड़ता है। यह एक प्रेरणादायक फ़िल्म है, जिसे आपको ज़रुर देखना चाहिए। मेरे लिए ये बहुत आश्चर्य कि बात है, लेकिन मुझे "ला ला लैंड" बहुत पसंद आयी। मैं आपको साफ़-साफ़ बता दूँ कि मुझे म्यूज़िकल फ़िल्में पसंद नहीं हैं, और फ्रीवे वाले ओपनिंग सीन ने इस फ़िल्म को मेरे लिए शुरू होने से पहले ही लगभग ख़त्म कर दिया था। लेकिन फिर भी मैं वहीं रुका रहा और मुझे इस बात से काफ़ी हैरानी हुई कि यह मुझे बहुत पसंद आयी। इसलिए, अगर आपकी ज़िन्दगी में कोई ऐसा इंसान है, जो इसे देखना चाहता है तो म्यूज़िकल होने की वजह से इसे नज़रअंदाज़ न करें। शायद आपको भी यह पसंद आ जाए। "कोको" और "द फाउंडर" दो अन्य फ़िल्में हैं, जो उस साल मुझे बहुत पसंद आयी थीं, इसलिए अगर आपने उन्हें नहीं देखा तो उन्हें भी देखें। मैं आपको याद दिला दूँ कि मैं फ़िल्मों को तभी चार या उससे ज़्यादा की रेटिंग देता हूँ, जब मुझे लगता है कि सभी लोगों को उन्हें देखने में मज़ा आएगा। इसलिए, अगर आप अपने लिए फ़िल्मों का चुनाव करते समय हमारी फ़िल्म सूची का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इन्हें ज़रुर देखें और बताएं कि आपको ये पसंद आयीं या नहीं।

अगले महीने मिलते हैं,

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