पटकथा लेखन ब्लॉग
पर प्रविष्ट किया लेखक कर्टनी मेजरनिच

ज़ैकरी रोवेल की 90 दिन की पटकथा चुनौती का 13वां हफ़्ता: समाप्त

इस साल की शुरुआत में, हमने एक प्रयोग करने का फ़ैसला किया: हमने सोचा कि अगर हम पटकथा लेखकों के सामने आने वाली सबसे बड़ी रूकावट, यानी पैसों की समस्या, को दूर कर दें ताकि उन्हें रचनात्मक होने का समय मिल पाए तो क्या होगा? हम किसी को वो शुरुआत देना चाहते थे जो अपने पटकथा लेखन के सपने को पूरा करने के लिए उसे चाहिए थी। तो, हमने किसी एक प्रतिभाशाली पटकथा लेखक के बिल का भुगतान करने की सूचना जारी कर दी, और आपमें से हज़ारों लोगों ने इसके लिए आवेदन किया। आपमें से बहुत सारे लोग इसे पाने के योग्य हैं, लेकिन हम केवल एक का चुनाव कर सकते थे, और ज़ैकरी रोवेल वो इनाम अपने घर ले गए, जो है: एक फीचर-लेंथ पटकथा लिखने के लिए 3 महीने की भुगतान सहित छुट्टी। इसकी शर्त क्या थी? उन्हें तब तक भुगतान नहीं किया जाता था जब तक कि वो अपनी मासिक समय-सीमा को पूरा नहीं करते थे। उन्होंने अपने साप्ताहिक विडियो ब्लॉग, पटकथा के छोटे भाग, और अपनी पटकथा “स्टील वॉटर रन्स डीप" को लिखने और दोबारा लिखने के स्क्रीन कैप्चर के साथ हम सभी को अपने सफ़र के बारे में अपडेट किया।

और अब हम उस सफ़र के अंत पर आ गए हैं। या क्या ये शुरुआत है? ज़ैकरी रोवेल ने समय से एक दिन पहले, कल रात मुझे अपनी 98 पेज की फ़ीचर पटकथा भेजी। इसकी रूपरेखा बनाने, लिखने, और दोबारा लिखने में 90 दिन लगे, और मेरी राय में, ज़ैकरी ने कमाल कर दिया! अब क्या होगा? यह ज़ैकरी की पटकथा है तो वो इसके साथ जो चाहे कर सकते हैं, लेकिन हमारी बस यही उम्मीद है कि 8 जनवरी को जब हम इसका पूरा संस्करण लोगों के लिए पोस्ट करें तो किसी ऐसे इंसान की नज़र इसपर पड़े जो इसे रुपहले पर्दे पर उतार सके।

तब तक, ज़ैकरी अपने अंतिम इस ब्लॉग में आपके दिल में उठने वाले सभी सवालों के जवाब दे रहे हैं। आज दुःख का दिन है। मैं नहीं रो रही। आप रो रहे हैं!

आपसे उनका कोई विडियो ब्लॉग छूट गया? आप उनकी पूरी प्लेलिस्ट यहाँ देख सकते हैं।

"हैलो! और 90 दिन की पटकथा चुनौती के अंतिम विडियो ब्लॉग में एक बार फिर से आप सबका स्वागत है। भरोसा नहीं हो रहा कि यह ख़त्म हो गया है। ऐसा लगता है जैसे मैंने कल ही लिखना शुरू किया हो। मुझे लगा कि मैंने कार में शुरुआत की थी तो मुझे इसे कार में ही ख़त्म करना चाहिए।

पहले विडियो ब्लॉग के मुक़ाबले मेरे बाल बड़े हो गए हैं। एक दिन मैं अपने शुरुआत के ब्लॉग देख रहा था, और मुझे लगा, ओह, ये क्या है। मैं बस यही सोच रहा था। 

तो, इस आख़िरी विडियो ब्लॉग के लिए, मैंने सवाल-जवाब रखने का फ़ैसला किया है, और आपमें से कुछ ने मुझे अपने सवाल भी भेजे हैं। तो, मैं उनका जवाब देने जा रहा हूँ, और उम्मीद है, मैं बहुत ज़्यादा बड़बड़ किये बिना आपको इनका जवाब दूंगा।

पहला सवाल है: रूपरेखा बनाने या दोबारा लिखने के मुक़ाबले, सचमुच पटकथा लिखने में मुझे कितना समय लगा? और ज़ाहिर तौर पर, यह ज़्यादातर पटकथाओं से थोड़ा अलग था क्योंकि मेरे पास वक़्त की पाबंदी थी और शुरुआत में मुझे पटकथा की रूपरेखा बनाने के लिए उतना समय नहीं मिला। तो, रूपरेखा बनाने में मुझे शायद एक या दो हफ़्ते लगे होंगे। लेकिन, मैं लगभग एक साल से पटकथा के बारे में सोच रहा था। तो, आप ऐसा बोल सकते हैं कि मैंने एक साल रूपरेखा तैयार की, या यह भी कह सकते हैं कि मैंने एक या दो हफ़्ते तक इसे किया। जो आम तौर पर होता है। सचमुच में कुछ लिखना शुरू करने से पहले मैं थोड़ी देर उसके बारे में सोचता हूँ। और मुझे लगता है कि उससे रूपरेखा बनाने की प्रक्रिया में मदद मिलती है क्योंकि मैं अपने मन में पहले ही यह पता लगा चुका होता हूँ कि वो चीज़ काम करेगी, शायद पात्रों को ऐसा होने के बजाय कुछ वैसा होना चाहिए, शायद उन्हें वहां रहना चाहिए, शायद वो हो सकता है, तो मैं अपने दिमाग में पहले से इन सारी चीज़ों के बारे में सोच रहा होता हूँ। और, सचमुच में रूपरेखा बनाना शुरू करने से पहले मैं पहले ही अपने दिमाग में चीज़ें बदल चुका होता हूँ और बना चुका होता हूँ। और इसके बाद, मुझे लगता है असली पटकथा लिखने में दस हफ़्ते, यानी ढाई महीने के आसपास लगते हैं — दो हफ़्ते, या एक साल रूपरेखा बनाने में, और इसके बाद लगभग दो हफ़्ते दोबारा लिखने में।

इस चुनौती का सबसे मुश्किल हिस्सा क्या था? हाँ, मुझे लगता है इसके बारे में मैंने आपको थोड़ा इशारा किया था। मुझे लगता है इसका समय, जो थैंक्सगिविंग – क्रिसमस में था, और मैं सबकुछ सँभालने की कोशिश कर रहा था। इसके अलावा, विडियो ब्लॉग बनाना मुश्किल था। जैसा कि आप बता सकते हैं, मैं बहुत सामाजिक इंसान नहीं हूँ। मैं लिखकर अपनी भावनाएं ज़्यादा अच्छे से बता सकता हूँ। तो, मेरे लिए चीज़ों को बोलकर बताना, और कैमरे से बात करना, और चीज़ों के बारे में पहले सोचे बिना अपने विचारों को ज़ाहिर करने की कोशिश करना मुश्किल था। बोलने के मुक़ाबले मैं ऑनलाइन और लिखकर ज़्यादा अच्छे वाक्य बनाता हूँ। बोलना। आप मेरा मतलब समझ रहे हैं?! तो, हाँ, वो मुश्किल हिस्सा था। विडियो ब्लॉग बनाना मुश्किल रहा। और इसके बाद, समय का पाबंद रहते हुए हर चीज़ करने की कोशिश करना, और यह मुझे हमारे अगले सवाल की और ले जाता है जो ये था कि…

… अगर SoCreate मेरे बिल न भरता और मेरे लिए यह 90 दिन की समय-सीमा तय नहीं करता तो क्या मैं यह चुनौती पूरी सकता था? और मुझे नहीं लगता मैं ऐसा कर पाता, और वो भी थैंक्सगिविंग और क्रिसमस जैसी छुट्टियों के मौसम के साथ। अगर मैं पूरे वक़्त काम कर रहा होता, और घूम रहा होता, और परिवार से मिलने जाता तो मुझे नहीं लगता कि मैं यह कर सकता था। मैं अभी भी काम करता था। मेरा फ्रीलांस लेखक का पार्ट-टाइम काम चल रहा था, और मेरे एक पुराने ग्राहक हैं, तो मैं अभी भी उनके लिए काम करता हूँ। लेकिन मैंने हफ़्ते में पांच दिन, दिन के आठ घंटे का फुल टाइम काम नहीं किया। और अगर मुझे हफ़्ते के 40 घंटे काम करने के लिए मज़बूर होना पड़ता तो मुझे नहीं लगता कि मैं इसे पूरा कर पाता। आप समझ सकते हैं, अब अगर कोई मेरी कनपटी पर बंदूक रखकर कहता कि यह करना ही है तो फिर और बात थी। लेकिन क्या फिर यह इतना अच्छा होता? शायद नहीं, क्योंकि, मैं इसे आधी रात या ऐसे किसी समय, बहुत जल्दबाज़ी में करता। और आपको पता है, मुझे पटकथा में चीज़ों को पढ़ने का बहुत सारा समय मिला, और मैंने कथानक के बारे में बहुत सोचा, और जब मैं नहीं लिख रहा होता था तो भी मैं इसके साथ समय बिताता था, तो खाली समय में मैं पटकथा के बारे में ही सोचता रहता था और इसमें जीता था। यह सुनने में थोड़ा लॉस एंजेल्स के लेखकों जैसा लग सकता है, थोड़ा हिप्पी सा, है न? लेकिन सचमुच इससे मदद मिलती है। अगर अगर आप हमेशा बिल और काम के बारे में परेशान रहते हैं तो इससे ज़ाहिर तौर पर आपके ऊपर बुरा प्रभाव पड़ता है। तो, हाँ, मुझे नहीं लगता मैं इसे 90 दिन में पूरा कर पाता, और अगर करता भी तो मुझे नहीं लगता यह इतना अच्छा हो पाता, मैं यह नहीं बोल रहा कि यह बहुत अच्छा है, वो हम बाद में देखेंगे, लेकिन मुझे लगता है इसकी वजह से इसपर बुरा असर पड़ता।

तो, अगला सवाल। प्रतियोगिता जीतने पर मुझे कैसा लगा? यह मुश्किल शब्द है। प्रतियोगिता। जीतने पर मुझे कैसा लगा: ज़ाहिर तौर पर मैं उत्साहित था। मैं एक बहुत शांत परिवार से आता हूँ, इसलिए ज़्यादातर मैं सामान्य लोगों की तरह अपना उत्साह नहीं दिखाता। तो, जब उन्होंने मुझे बताया तो मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा सोचा होगा कि वाह, मुझे लगा $9,000 जीतने के बारे में सुनकर वो उत्साहित होगा। मुझे नहीं पता कि उन्हें मेरी प्रतिक्रिया देखकर निराशा हुई या नहीं। मैंने अपना उत्साह दिखाने की कोशिश की थी। मेरी गर्लफ्रेंड का परिवार बहुत धूमधाम से क्रिसमस मनाता है और वो बहुत सारे उपहारों के साथ जश्न मनाते हैं। जब मैं छोटा था तो मेरे साथ ऐसा नहीं था। किस्मत से मुझे एक खिलौना मिल जाता था और मेरे स्टॉकिंग में कोई स्क्रैच ऑफ टिकट मिल जाता था। लेकिन वे इसे बहुत अच्छे से मनाते हैं। मुझे याद है पहले साल, मेरे सामने लगभग दस खिलौने होंगे, और वो अपने उपहार खोलते और कहते, "हे ईश्वर! मुझे यही चाहिए था!" और मैं वो नहीं कर पाता, भले ही मुझे कोई ऐसी चीज़ क्यों न मिली हो जो मुझे सचमुच चाहिए थी। और, ज़ाहिर तौर पर, मुझे यह बहुत अच्छा लगता है, लेकिन मेरे लिए अपनी ख़ुशी को बाहर लाकर सबके सामने दिखाना मुश्किल है। मुझे लगता है मैं इसमें बेहतर हो रहा हूँ, और मुझे लगता है इन विडियो ब्लॉग से मुझे सचमुच बहुत मदद मिल सकती है इसलिए शायद मैं इसे जारी रखूँगा, मुझे नहीं पता। लेकिन हाँ, मुझे लगता है, सवाल क्या था? मैं उत्साहित था। मैं उत्साहित था। मैं यही महसूस कर रहा था। मैं बहुत घबराया हुआ नहीं था। मैं इसके बारे लोगों को बताने के लिए और बात करने के लिए उत्साहित था और हाँ, उत्साही था। तो, वो सही लग रहा था? मैं सही बोल रहा था। मुझे नहीं पता मैं यहाँ क्यों देख रहा हूँ। मैं सच में बहुत उत्साहित था। मुझे पता है कभी-कभी ऐसा लगता है कि मैं कोई कटाक्ष कर रहा हूँ, लेकिन मैं सच में बहुत उत्साहित था, और मैं इस अवसर के लिए बहुत आभारी हूँ।

क्या पटकथा रिलीज़ करने के बाद मेरी इसके लिए कोई योजना है? किसी ने मुझसे पूछा था कि क्या मैं इसे ख़ुद बनाने के बारे में सोच रहा हूँ। नहीं, मैं ऐसा नहीं सोच रहा, मैं ऐसा करना चाहूंगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि मेरे पास वो करने की विशेषज्ञता है, जहाँ तक बड़ी फ़ीचर फ़िल्म की बात है, या आपको पता है, यह इंडी है, यह इंडी जैसी फ़िल्म है, लेकिन मेरे पास ऐसा करने की विशेषज्ञता नहीं है। मैं कुछ बाहर लाने के लिए और वास्तव में लोगों को कुछ दिखाने के लिए अपने लिए यूट्यूब पर एक शॉर्ट सीरीज लिखने और फ़िल्माने की योजना बना रहा हूँ। तो मैं वो करने की योजना बना रहा हूँ। लेकिन जहाँ तक इस फ़ीचर की बात है, उम्मीद है लोग मेरी मदद करेंगे। उम्मीद है कोई ऐसा होगा जिसे यह पसंद आएगा, और उसके बाद देखते हैं क्या होता है। SoCreate से मुझे जो भी पैसे मिले हैं उसमें से थोड़े पैसे लगाकर मैं इसे प्रतियोगिताओं में दाखिल करवाने की योजना बना रहा हूँ, तो मैं इसे प्रतियोगिताओं में भेजूंगा, और मैं इसे अपने कुछ संपर्कों के पास भेजूंगा। और इसके बाद ज़ाहिर तौर पर, मैं इसे आप सबके पास भेजूंगा। और फिर उम्मीद है किसी को यह अच्छा लगेगा। मुझे लगता है यह एक मज़ेदार पटकथा है। इसे लिखते समय मुझे बहुत मज़ा आया। और मैं इसे रुपहले पर्दे पर ज़िंदा होते हुए देखना चाहूंगा, तो, उम्मीद है ऐसा होगा। यह हमेशा एक अनुमान होता है, विशेष रूप से जब अभी तक मेरी पटकथा से कुछ बना नहीं है। लेकिन हम देखेंगे। देखते हैं क्या होता है।

अगला सवाल। मैंने इसका जवाब दे दिया है। मैंने इसका जवाब दे दिया है। मुझे लगता है दो और सवाल हैं। लिखते रहने के लिए मेरी प्रेरणा? हम्म। मुझे लगता है यह सच्चाई कि जब तक मैं अपने शब्दों को पर्दे पर ज़िंदा होते हुए नहीं देख लेता मुझे कभी सुकून नहीं मिलेगा, और जब तक मैं अपनी पटकथा को बड़े पर्दे या टीवी पर नहीं देख लेता जिसपर मैंने बहुत मेहनत की है और जिसे मैंने लिखा है, तब तक मुझे संतोष नहीं होगा, हाँ तो मुझे नहीं लगता वो होने तक मुझे संतुष्टि होगी। और साथ ही, मुझे नहीं पता आपको प्रेरणा और हारने के डर को एक साथ मिलाना चाहिए या नहीं। मुझे नहीं पता ये चीज़ें आपस में जुड़ी होनी चाहिए या नहीं। लेकिन, वो भी इसका हिस्सा है। बहुत सारे लोगों को पता है कि मैं एक पटकथा लेखक बनना चाहता हूँ। जबसे मैं टेक्सास से एलए आया हूँ, ज़ाहिर तौर पर, वहां घर पर लोग जानते हैं कि मैं एक पटकथा लेखक बनना चाहता हूँ। पिछले कुछ सालों के दौरान मैंने बस इसके बारे में ही बात की है। घर पर लोग मुझसे पूछेंगे, अरे, ये कैसा चल रहा है, कुछ हुआ? और, ज़ाहिर रूप से, आप सबको पता है कि मैं एक पटकथा लेखक बनना चाहता हूँ, तो मैं हारने के डर के बारे में सोचता हूँ, जैसे मान लो 20 साल गुजर गए और कुछ नहीं हुआ। तो वो सहन करना मुश्किल होगा। लेकिन मुझे नहीं पता कि इसे प्रेरणा के साथ मिलाना चाहिए या नहीं। मुझे लगता है प्रेरणा इससे ज़्यादा अच्छी जगह से आनी चाहिए। अगर आप किसी मज़ेदार चीज़ पर काम करते हैं तो मुझे नहीं लगता कि आपको बहुत ज़्यादा प्रेरणा की ज़रूरत होती है। 2019 के शुरूआती आधे साल में, मुझे बहुत मुश्किल हुई। मैं बुरी हालत में था। और इसके बाद, मैंने वीडियो रेंटल पर काम करना शुरू किया, और मुझे लिखने में इतना मज़ा आता था। ऐसा लगता था जैसे मैं पहली बार लिख रहा हूँ और मुझे लिखने से दोबारा प्यार हो गया। और मुझे लगता है ऐसा इसलिए क्योंकि मुझे वो बहुत अच्छा लगा जो मैं लिख रहा था और मुझे उसकी शैली बहुत अच्छी लगी। तो, मेरे हिसाब से अगर आप जो लिख रहे हैं वो आपको बहुत पसंद है और आपको वो करने में मज़ा आ रहा है तो इसके साथ प्रेरणा अपने आप आ जाती है। और आप ऐसा सोचते हैं कि मुझे इसे पूरा करना है, मैं चाहता हूँ कि कोई इसे ख़रीदे, है न? तो, हाँ।

अगला सवाल: शुरुआत करना। जो, एक बार फिर, आपको पता है कि यह उसके साथ ही आता है। अगर आपको शुरुआत करने में मुश्किल आ रही है तो आपको यह देखना चाहिए कि आप क्या लिख रहे हैं। कभी-कभी लोग इस बात पर बहुत फोकस करते हैं कि क्या बिकने लायक है। अभी बाज़ार में किसकी मांग है? क्या मुझे एक छोटे बजट वाली हॉरर फ़िल्म लिखनी चाहिए? उन्हें बनाना सबसे आसान होता है, है न? शायद मुझे उसपर फोकस करना चाहिए। मेरे दिमाग में भी वो ख्याल आया था। लेकिन उस समय उसके लिए मेरे दिमाग में ऐसा कोई आईडिया नहीं था जो मुझे बहुत रोमांचित करे, तो मैं अपने आपको वो लिखने के लिए क्यों मज़बूर करूँ? तो उन चीज़ों पर फोकस करें जो आपको रोमांचित करती हैं, और इसके बिकने की चिंता न करें या यह न सोचें कि लोग इसे देखेंगे या नहीं। मेरा मतलब है, आपकी पहली पटकथा, आपकी दूसरी पटकथा, आपकी तीसरी पटकथा, वैसे भी ऐसा नहीं है कि वो बनने वाली हैं, तो बस इसपर फोकस करें कि कौन सी चीज़ आपको ऊर्जावान बनाती है और कौन सी चीज़ आपको लिखने के लिए प्रेरित करती है। 

तो अपनी पटकथा के साथ मज़ा करें। ज़िन्दगी का मज़ा लें। फ़िक्र कम करें। 2020 में वो मेरे लिए बड़ी चीज़ है। मैं कम चिंता करना चाहता हूँ। मैं बहुत चिंता करता हूँ। तो, हाँ, इसका मज़ा लें। कुछ ऐसा लिखें जो आपका मनोरंजन करे, कुछ ऐसा जिसे आप देखना चाहें, कुछ ऐसा जो आपको हंसाये, कुछ ऐसा जो आपको रुलाये, कुछ ऐसा जिसे आप ख़ुद से जोड़ पाएं। और मुझे नहीं लगता उसके बाद प्रेरणा पाना, या इसे शुरू कर पाना मुश्किल होगा। मुझे लगता है आप शुरुआत करना चाहेंगे। बस वो आईडिया खोजें और उसपर काम करना शुरू करें।

मुझे लगता है यहाँ विडियो ब्लॉग समाप्त होता है। आज दुःख का दिन है। दरअसल मुझे ये करने में मज़ा आ रहा था, और अगर मेरा मन हुआ, अगर मेरा मन नहीं भी हुआ तो मैं इसे अपने ख़ुद के चैनल पर करना जारी रखूँगा। यह अपने आपको ज़िम्मेदार बनाये रखने का अच्छा तरीका है। मुझे ज़िम्मेदार रखने का अच्छा तरीका है। जो भी काम करे, मुझे नहीं पता।

मेरे साथ-साथ चलने के लिए धन्यवाद। मुझे उम्मीद है आपको पटकथा पसंद आएगी। और, ज़ाहिर तौर पर, मैं SoCreate को धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने मुझे यह अवसर दिया। यह बेहतरीन रहा। अलविदा।"

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