पटकथा लेखन ब्लॉग
पर प्रविष्ट किया लेखक कर्टनी मेजरनिच

एश्ली स्टॉर्मो: एक महत्वाकांक्षी पटकथा लेखिका की ज़िंदगी का एक दिन

हैलो, पटकथा लेखकों! एश्ली स्टॉर्मो एक महत्वाकांक्षी पटकथा लेखिका हैं, और वो अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी को रिकॉर्ड करके हमारे साथ शेयर करने वाली हैं। आप उनसे कुछ सीख सकते हैं, या शायद पटकथा लेखन में नया संपर्क बना सकते हैं! जो भी हो, हमें उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों के दौरान उनके साप्ताहिक सीरीज़ से आपको कुछ सीखने का मौका मिलेगा। आप @AshleeStormo पर उनसे इंस्टाग्राम या ट्विटर के माध्यम से जुड़ सकते हैं, और आप हमारे यूट्यूब चैनल पर "महत्वाकांक्षी लेखिका की ज़िन्दगी का एक दिन" पर जाकर उनकी पूरी सीरीज़ भी देख सकते हैं।

"आज मैं आपको दिखाना चाहती थी कि दो नौकरियां करते हुए भी मैं लिखने का वक़्त कैसे निकालती हूँ। मैं आपको यह भी बताऊंगी कि COVID-19 की वजह से मेरे लिखने पर क्या असर पड़ा है, और मैं आपके साथ यह शेयर करने वाली हूँ कि अपने शेड्यूल में बड़े बदलाव के बावजूद मैं पटकथा लेखन से जुड़ी हुई कौन सी चीज़ें कर रही हूँ। मुझे भी आपके बारे में जानकर बहुत अच्छा लगेगा! आप इस समय कौन सी पटकथाओं पर काम कर रहे हैं? नौकरी करते हुए आप रचनात्मक परियोजनाओं पर कैसे काम कर पाते हैं? मुझे कमेंट्स में बताएं या ट्विटर या इंस्टाग्राम पर मुझसे जुड़ें।"

एश्ली स्टॉर्मो

"हैलो, पटकथा लेखकों! मेरा नाम एश्ली स्टॉर्मो है। मैं 24 साल की हूँ। मैं सीएटल के पास रहती हूँ, और हालाँकि, मैं एक नैनी हूँ और अपने परिवार के बिज़नेस में काम करती हूँ, लेकिन मैं पटकथा लेखिका भी बनना चाहती हूँ। और आज, मैं SoCreate के साथ इसलिए जुड़ी हूँ ताकि मैं आपको इस बारे में बता सकूँ कि मेरी ज़िन्दगी में पटकथा लेखक होने का क्या मतलब है। और, मैं आपको यह भी दिखाऊंगी कि मैं नैनी और अपना काम करते हुए किस तरह से लिखने के लिए समय निकालती हूँ।

जबसे कोरोना वायरस आया है, मेरी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी बिल्कुल बदल गयी है। तो, मैं आपको दिखाऊंगी कि कोरोना वायरस से पहले मेरी ज़िन्दगी कैसी थी – मेरे सामान्य दिन – और इसके बाद दिखाऊंगी कि अब मेरी ज़िन्दगी का एक दिन कैसा होता है, और उसमें भी मैं कैसे लिख पाती हूँ।

तो, COVID 19 से पहले आम तौर पर मेरा दिन सुबह 3:45 बजे शुरू होता है। मैं बिफोर-स्कूल-केयर नैनी हूँ। मुझे सुबह 5:15 बजे उनके घर जाना पड़ता है। इसके बाद, सुबह 5:15 बजे से 8 बजे तक, जब तक कि बच्चा उठता नहीं है, मुझे लिखने का समय मिलता है। मुझे पता है मैं एक घंटे में लगभग 14 पन्ने लिख सकती हूँ, तो सुबह में, मैं लगभग 35 पन्नों का लक्ष्य रखती हूँ। एक घंटे में मैं 14 पन्ने केवल इसलिए लिख पाती हूँ क्योंकि अपना पहला ड्राफ्ट लिखने से पहले मैं रूपरेखा पर बहुत ज़्यादा काम करती हूँ। वो कई सारे चरणों के साथ अत्यधिक विस्तृत होते हैं, और इससे मेरे लिए पहला ड्राफ्ट लिखना आसान हो जाता है। SoCreate के साथ मैं एक वीडियो करने वाली हूँ, जिसमें मैं आपको बताऊंगी कि मैं अपनी पटकथाओं के लिए रूपरेखा कैसे बनाती हूँ तो उस वीडियो का इंतज़ार करिये।

इसके बाद, मैं बच्चे को तैयार करती हूँ, उसे स्कूल ले जाती हूँ, और 9:15 तक, मैं वापस अपनी कार में आ जाती हूँ, और इसके बाद मैं अपने दूसरे काम पर जाती हूँ। मैं अपने डैड के लिए काम करती हूँ, जो फर्नीचर बनाते हैं, और यह एक और नौकरी है जिसमें मैं एक तरह से अपनी ख़ुद की चीज़ कर पाती हूँ। तो, जब दुकान में कोई ग्राहक नहीं होता, और मैं कंप्यूटर पर अपना काम पूरा कर लेती हूँ तो मेरे पास अपने लिए कुछ घंटे बचते हैं जिन्हें मैं लिखने या संपादन करने पर खर्च करती हूँ।

तो, मैं अपनी दूसरी नौकरी पर हूँ, और अब तक जो मैंने किया वो मेरा असली काम है – तो मैंने कुछ विज्ञापन दिए, ईमेल भेजे, सोशल मीडिया पर काम किया। मेरे लिए यह बहुत अच्छा है कि मैं अपने परिवार के लिए काम करती हूँ क्योंकि अब वो करने के बाद, मैं थोड़ा ब्रेक लूंगी और थोड़ी देर के लिए अपनी चीज़ों पर काम करुँगी। और फिर, लंच के बाद, मैं वापस अपने काम पर आ जाऊंगी, और उनकी चीज़ों पर ज़्यादा काम करुँगी। अगर आप कोई ऐसा काम खोज सकते हैं जहाँ कुछ समय के लिए काम बंद होता है, और उस समय के दौरान आप अपनी पसंद की चीज़ कर सकते हैं तो मैं आपको यह करने का सुझाव दूंगी। नैनी का काम करते समय मैं बहुत कुछ लिख लेती हूँ, और यहाँ आने पर भी मुझे बहुत कुछ लिखने का मौका मिलता है।

अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में मैं ईमेल का जवाब देती हूँ, कुछ विज्ञापन डालती हूँ, ग्राहकों से मिलती हूँ, और इसके बाद मुझे अपने लिए लगभग दो घंटे मिलते हैं जिसमें मैं या तो लिखती हूँ या फिर संपादन करती हूँ। इस समय मैं टाइमलाइन पर हूँ। एक प्रतियोगिता होने वाली है। इसलिए, आज मुझे नोट्स के साथ अपनी पटकथा के 20 पन्ने पढ़ने हैं। अब मैं अंदर जाने वाली हूँ, और मैं ख़ास तौर पर यह बताऊंगी कि मुझे इन नोट्स के साथ क्या करने की ज़रुरत है।

ठीक है, तो मैं लगभग एक घंटे से संपादन कर रही थी। मैंने पहले इस पटकथा को संपादित किया है, लेकिन तबसे मैंने लगभग 30 पटकथाएं पढ़ी हैं, उससे मुझे फॉर्मेटिंग के बहुत सारे उपाय और तरक़ीबें मिली हैं और साथ ही मैंने कुछ और चीज़ों पर भी ध्यान दिया है, इसलिए अपनी पटकथा को प्रतियोगिता में भेजने से पहले मैं उन्हें ठीक करना चाहती हूँ।

ठीक है, तो यह पहला पन्ना है। मैंने विवरणों के बीच थोड़ी खाली जगह रखी है, वैसे यह ज़रुरी नहीं है। मैं अपना दृश्य का हेडर करने का तरीका बदलने वाली हूँ। समय के साथ, मैंने अलग-अलग लोगों को इसे कुछ ऐसे करते हुए देखा है जो पढ़ने में ज़्यादा आसान हो। मैंने इसे जैसे किया है वो गलत नहीं है, लेकिन इसे पढ़ना आसान नहीं है। आपको बहुत कुछ दिखाने की ज़रुरत होती है, और संवाद से बहुत कम बताना होता है।

जब मैं कंप्यूटर पर कोई ऐसा काम कर रही होती हूँ जो पटकथा लेखन से जुड़ा नहीं होता तो मैं अपने हेडफोन लगाकर, ऐसा कुछ सुनने की कोशिश करती हूँ जो पटकथा लेखन से संबंधित हो। यह कहानी की संरचना से जुड़ा हो सकता है, नेटवर्किंग से जुड़ा हो सकता है, यह चाहे जो भी हो, बस आपके पास जो भी समय है उसका ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा उठाने की कोशिश करें। काम के बाद, मैं जिम जाती हूँ, और कूल डाउन के दौरान, मैं कोई और चीज़ सुनती हूँ जो उद्योग से जुड़ा होता है। मैंने बार-बार यह देखा है कि पटकथा लेखन के लिए सबसे ज़रुरी चीज़ है, केवल लिखना। और यह कि, अगर आपको अपनी वो पटकथा पढ़ने के लिए कोई मैनेजर मिल जाता है, जिसमें आपने अपना दिल और आत्मा निकालकर रख दिया है, और उन्हें वो पसंद आ जाता है तो वो आपसे पूछेंगे कि आपके पास और कौन सी दूसरी पटकथाएं हैं, वो और क्या देख सकते हैं। क्योंकि वो बस एक हिट देने वाले पटकथा लेखक के बजाय, एक ऐसे पटकथा लेखक में निवेश करना चाहेंगे जिसके करियर के लिए बहुत सारी संभावना है और जिसे आगे बढ़ाने में वो मदद कर सकते हैं। इसी कारण से, मेरा सबसे पहला लक्ष्य यह है कि मैं लिखती रहूं। मैं इस बात का ध्यान रखती हूँ कि मेरे पास पहले से कुछ पटकथाएं पड़ी हों। और एक बार फिर, मैं हर रोज़ अपने आपको लिखने के लिए मजबूर करके ऐसा करती हूँ। मैं उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए और अपने खाली समय में ख़ुद को शिक्षित करने के लिए मजबूर करती हूँ, ताकि मैं अपने समय का ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा उठा सकूँ।

कोरोना वायरस की महामारी के बाद से, मेरी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी काफी बदल गयी है। मेरे लिखने पर इसका असर पड़ा है, लेकिन फिर भी मैं आपको दिखाऊंगी कि अब मेरी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी कैसी है। मैं अभी भी नैनी का काम करती हूँ क्योंकि जिस परिवार के लिए मैं काम करती हूँ वो ज़रुरी सेवाएं देते हैं इसलिए उन्हें अभी भी बच्चे की देखभाल के लिए किसी की ज़रुरत पड़ती है। लेकिन, अब सुबह चार घंटे काम करने के बजाय, मैं उसे दिन के आठ घंटे देखती हूँ, और इसकी वजह से मेरे लिखने के समय पर बुरा असर पड़ा है, क्योंकि उसका शेड्यूल अलग है। इसलिए, अब मुझे लिखने के लिए बस एक घंटा मिलता है, और इसकी वजह से मुझे वो वक़्त याद आता है जब मुझे बस स्कूल जाने से पहले तक काम करना पड़ता था। कभी-कभी परिस्थितियां हमें कुछ चीज़ों की अहमियत सीखा देती हैं।

मेरे डैड ने स्टोरफ्रंट बंद कर दिया है ताकि हम सुरक्षित सामाजिक दूरी बनाकर रख सकें। इसलिए, एक तरह से मेरे पास काम है भी और नहीं भी है। किसी-किसी दिन मैं बाहर जाकर, लकड़ी को समतल बनाती हूँ, और मैं टूटे हुए रिकॉर्ड की तरह नहीं बजना चाहती, लेकिन, एक बार फिर, मैं ऐसे समय में पॉडकास्ट सुनकर अपने समय का ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा उठाने की कोशिश करती हूँ। एक दिन मैंने पटकथा लेखन पर 11 पॉडकास्ट सुने थे। मैंने उससे काफ़ी कुछ सीखा। और इसके बाद, अंदर आने पर मैं अपने फोन पर मेमो पैड में उन सभी चीज़ों के कुछ नोट्स बनाकर रखती हूँ जो उन पॉडकास्ट में मुझे सबसे ज़्यादा अच्छी लगीं और जिनसे मुझे फ़ायदा मिल सकता है, ताकि मैं उन्हें न भूलूं। और इस तरह, अपनी ज़िन्दगी में जो मैं करना चाहती हूँ उससे बिल्कुल अलग चीज़ें करते हुए भी, मैं सीखती रहती हूँ।

हालाँकि, घर पर मुझे काफी सारा समय मिलता है, लेकिन हर दिन सोफ़े पर पड़े रहकर ख़ुद को लिखने के लिए प्रेरित कर पाना कहीं ज़्यादा मुश्किल होता है। सौभाग्य से, मेरे पास एक प्रतियोगिता की डेडलाइन है जिसके लिए मैं प्रयास कर रही हूँ। इसलिए, मैं अपना प्लानर लेकर, उसमें यह योजना बनाती हूँ कि इस हफ़्ते मैं कितने पन्ने लिखना चाहती हूँ। मुझे लगता है अब यह करना बहुत मुश्किल है क्योंकि अपने सामने आने वाले किसी न्यूज़ कांफ्रेंस की वजह से मेरा ध्यान भटक सकता है जिसे देखना मेरे लिए ज़रुरी होता है, या उस दिन मैं लकड़ी के लट्ठों को समतल करने में बिता देती हूँ। तो, हर रोज़ के लिए लक्ष्य रखने के बजाय, अब मेरे पास हफ़्ते भर में लिखे जाने वाले पन्नों का लक्ष्य होता है।

इसलिए, आपके लिए मेरी सबसे अच्छी सलाह यही है कि अपने लिए एक समय-सीमा तय करें। ऐसी प्रतियोगिता खोजें जिसमें आप हिस्सा लेना चाहते हैं। एक ऑनलाइन लेखन समूह बनाएं जहाँ आप सभी एक निश्चित मात्रा में पेज पूरा करने के लक्ष्य के लिए एक-दूसरे के प्रति जवाबदेही रखते हैं। वो सब करें जो आपके लिए सही है। और इस समय, अगर आपका लिखने का मन नहीं है तो भी कोई बात नहीं। चूँकि, अब शो या फ़िल्में देखने के लिए काफ़ी वक़्त है इसलिए हर बार कोई शो देखने पर, अंत में आप अपने फोन पर मेमो पैड खोलकर इस बारे में एक वाक्य लिख सकते हैं कि उस फ़िल्म की पटकथा में आपको कौन सी चीज़ सबसे ज़्यादा अच्छी लगी। और इस तरह से आप सीख सकते हैं और ख़ुद को शिक्षित कर सकते हैं।

आप लिखने से थोड़ी छुट्टी ले सकते हैं, और इस समय के दौरान आपको कुछ भी लिखने की ज़रुरत नहीं होती है ताकि दोबारा लिखने का मन करने पर आप वापस पूरी ताकत के साथ इसमें जुट सकें। वो करें जो आपके लिए सबसे अच्छा हो। वो करें जो अपना ध्यान रखने के लिए आपको करने की ज़रुरत है।

ठीक है, दोस्तों। मेरी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी ऐसी ही लगती है। मैं अभी बिल्कुल नयी हूँ और मैं आपसे भी इसके बारे में कुछ उपाय जानना चाहूंगी कि अपना काम करते हुए आप अपने सपनों का पीछा कैसे करते हैं। मैं आपसे यह भी जानना चाहूंगी कि इस बंदी के दौरान आप लिख रहे हैं या नहीं, और आप किन परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। मैं सचमुच इसके बारे में जानना चाहती हूँ। मैं आपमें से ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जुड़ना चाहती हूँ।

SoCreate को फॉलो करना न भूलें। मैं उनके साथ और अधिक वीडियो पर काम करने वाली हूँ। और मुझे पता है आज मैंने आपको कुछ चीज़ों के बारे में बताया। लेकिन [SoCreate] के पास अपने सोशल चैनलों पर बहुत सारी मूल्यवान सामग्रियां हैं, इसलिए उन्हें देखना न भूलें। उम्मीद है, आज आप सबका दिन बहुत अच्छा जायेगा, और मैं आप सबके साथ जुड़ने के लिए बहुत उत्साहित हूँ।"

एश्ली स्टॉर्मो, महत्वाकांक्षी पटकथा लेखिका

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